12/04/2026
राजस्थान के नागौर में एक शादी ने पूरे देश का दिल छू लिया!
शहीद भागीरथ कड़वासरा 1995 में भारतीय सेना की 13 ग्रेनेडियर्स में भर्ती हुए थे। 8 जून 2002 को असम में आतंकवादियों से लड़ते हुए उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी बहादुरी के लिए 26 मार्च 2003 को उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उस समय उनकी बेटी सुष्मिता बहुत छोटी थीं।शहादत के बाद उनके साथियों ने एक वादा किया था कि बेटी की हर खुशी में हम साथ रहेंगे।
जिसके बाद शहीद की बेटी की शादी में कुछ ऐसा देखने को मिला, जिससे वहां मौजूद हर एक मेहमान की न सिर्फ आंखें नम हो गईं बल्कि सीना गर्व से भर गया. दरअसल हुआ कुछ यूं कि एक शहीद जवान के साथियों ने 23 साल पहले उससे किया हुआ वादा निभाते हुए उसकी बेटी की शादी में पिता का फर्ज निभाया. मौका था शहीद जवान भागीरथ कड़वासरा की बेटी सुष्मिता की शादी का. इस दौरान सुष्मिता के पिता के 24 साथी जवान ‘पिता' बनकर शादी समारोह में पहुंचे. यह सिर्फ एक शादी नहीं थी बल्कि यह फौजी भाईचारे, कर्तव्यनिष्ठा और वचन की मर्यादा का जीवंत उदाहरण था।
24 जवान पहुंचे गांव-
कड़वासरो की ढाणी में शनिवार को पूरा गांव भावुक हो गया. 13 ग्रेनेडियर्स बटालियन (गंगानगर-जैसलमेर सेक्टर) के 24 जवान विशेष रूप से नागौर पहुंचे. कमान अधिकारी कर्नल सोमेन्द्र कुमार, अन्य अधिकारी और सेवानिवृत्त कर्नल सुरेश चंद्र राणा भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने.
जवानों ने दुल्हन का कन्यादान किया-
सेना के जवानों ने दुल्हन सुष्मिता को गोद में उठाया और कन्यादान किया. जवानों ने फेरे लगवाए और आशीर्वाद भी दिया. जवानों ने हर वो रस्म निभाई, जो एक पिता निभाते हैं. विदाई के समय जवानों की आंखें नम थीं. गांव की आंखें भीगी थीं और माहौल में गर्व का सैलाब था.
एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा कि आज के समय में लोग अपने रिश्ते निभाने से कतराते हैं, लेकिन सेना ने दिखा दिया कि वादा क्या होता है?
आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए थे भागीरथ-
भागीरथ कड़वासरा का जन्म 10 जनवरी 1978 को नागौर जिले के इसी गांव में हुआ. साल 1995 में वे भारतीय सेना की 13 ग्रेनेडियर्स में भर्ती हुए. 8 जून 2002 को असम के मिलनपुर गांव में आतंकवादियों से मुकाबले के दौरान उन्होंने अदम्य साहस दिखाया और वीरगति को प्राप्त हुए. उनकी बहादुरी के लिए 26 मार्च 2003 को उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया 💐🇮🇳