25/07/2019
📌 अगर यह लड़की प्रियंका चोपडा, स्वरा भास्कर, या प्रिया प्रकाश होती तो सोशल मीडिया पर रातों रात छा जाती लेकिन महोदय यह तो किसान की बेटी ( हिमा दास ) है, जिसने फेसबुक या इंस्टाग्राम पर बिना डबल फिल्टर के, बिना पाउट के फोटो अपलोड किए हुए, बिना नारीवादी कविता के अपनी फोटो अपलोड किए हुए भारत का नाम रोशन किया , वो भी तीन हफ्तों में 6 स्वर्ण पदक जीतकर. पर हैरानी की बात है अधिकतर लोगो को इसकी जानकारी तक नहीं है, इसकी फोटो पर लोगों ने कभी बेभाव दिल नहीं टांका..!!
📌 धन्य और पूज्यनीय है वह असम का गरीब धान उगाने वाला किसान परिवार जिसने एक दृढ़ संकल्प और ढीठ खिलाड़ी देश को दिया है, यह मुल्क उनका अनंत काल तक कर्जदार रहेगा..!!
📌 उसके पास सप्लीमेंट और प्रोटीन कभी नहीं थे, वो सिर्फ दाल चावल खाकर उस मुकाम पर पहुंची है , वह कभी स्टेडियम के पक्के ट्रैक पर नहीं दौड़ पाई क्योंकि उसके लिए तो खेतों के कच्चे रास्ते ही उसके और देश के सपने पूरे करने के लिए काफ़ी थे. उसने कभी समाज, अपने बाप और परिस्तिथियों को नहीं गलियाया, बल्कि अपने जुनून और हुनर से सबको कन्टापै कन्टाप जड़ कर अपना इकबाल बुलंद किया..!!
📌 जब उसने देश के लिए विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता उसकी आंखें आंसुओं से भरी हुई थी क्यूंकि बैकग्राउंड में राष्ट्रीय गान चल रहा था । ये आंसू गोल्ड मेडल के नही थे, ये आंसू थे देश का नाम रौशन करने के लिए, मुल्क के सम्मान में थे ! इतना ही नहीं उसके जी में अपनो के लिए वफादारी और मिट्टी से जुड़ाव इतना था कि हाल ही में असम में आए बाढ से पीड़ितों के लिए अपने पदक की राशि दान कर दी इसे कहते है देश की बिटिया ❣️