"बेटी है तो कल है" ( Save Girl Child )

"बेटी है तो कल है" ( Save Girl Child ) Just try to understand..... बेटी नहीं तो बहु कहाँ से लाओगे !!! SAAVE THE GIRLCHILD!!

ग़र्भ में अब मिटाई जाती है ।
भ्रूण हत्या कराई जाती है ॥
आज क्या हो गया ज़माने को ।
बोझ क्योंकर बताई जाती हैं ।।
जिसको रहमत कहा था ईश्वर की ।
अब वो जहमत बनाई जाती है ।।
बेटियाँ जब बहु बना करतीं ।
आग में क्यूँ कर जलाई जाती हैं ॥
जिसने बाबुल के घर को खुशियाँ दी ।
क्यों वो हरदम रुलाई जाती हैं ॥
जग में आने से रोकते हैं क्योंकर ।
जब की लक्ष्मी बताई जाती है ।।
कम से कम इतना तो समझो लोगों ।
क्यूँ ये संख्य

ा घटाई जाती है ।।
इसके होने से ही हम सब होंगे ।
ये समझ क्यों न पाई जाती है ॥
आओ सब मिलके प्रण करें ।
बात हर घर सुनायी जाती है ॥

   's_love
13/11/2018

's_love

16/10/2015
08/10/2015
"............."माँ"............."माँ- दुःख में सुख का एहसास है, माँ - हरपल मेरे आस पास है ।माँ- घर की आत्मा है, माँ- साक...
04/10/2015

"............."माँ"............."
माँ- दुःख में सुख का एहसास है,
माँ - हरपल मेरे आस पास है ।
माँ- घर की आत्मा है,
माँ- साक्षात् परमात्मा है ।
माँ- आरती, अज़ान है,
माँ- गीता और कुरआन है ।
माँ- ठण्ड में गुनगुनी धूप है,
माँ- उस रब का ही एक रूप है ।
माँ- तपती धूप में साया है,
माँ- आदि शक्ति महामाया है ।
माँ- जीवन में प्रकाश है,
माँ- निराशा में आस है ।
माँ- महीनों में सावन है,
माँ- गंगा सी पावन है ।
माँ- वृक्षों में पीपल है,
माँ- फलों में श्रीफल है ।
माँ- देवियों में गायत्री है,
माँ- मनुज देह में सावित्री है ।
माँ- ईश् वंदना का गायन है,
माँ- चलती फिरती रामायन है ।
माँ- रत्नों की माला है,
माँ- अँधेरे में उजाला है,
माँ- बंदन और रोली है,
माँ- रक्षासूत्र की मौली है ।
माँ- ममता का प्याला है,
माँ- शीत में दुशाला है ।
माँ- गुड सी मीठी बोली है,
माँ- ईद, दिवाली, होली है ।
माँ- इस जहाँ में हमें लाई है,
माँ- की याद हमें अति की आई है ।
माँ- मैरी, फातिमा और दुर्गा माई है,
माँ- ब्रह्माण्ड के कण कण में समाई है ।
माँ- ब्रह्माण्ड के कण कण में समाई है ।
"अंत में मैं बस ये इक पुण्य का काम करता हूँ,
दुनिया की सभी माँओं को दंडवत प्रणाम करता हूँ ।"

05/07/2015

किसी ने रोज़ा रखा और किसी ने
उपवास रखा..
कबूल होगा उसी का
जिसने अपने माँ बाप को अपने पास
रखा..!
💗

30/01/2015

एक स्त्री एक दिन एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ के
पास के गई और बोली,

" डाक्टर मैँ एक गंभीर समस्या मेँ हुँ और मेँ
आपकी मदद चाहती हुँ । मैं गर्भवती हूँ,

आप किसी को बताइयेगा नही मैने एक जान
पहचान के सोनोग्राफी लैब से यह जान लिया है कि मेरे गर्भ में एक बच्ची है ।

मै पहले से एक बेटी की माँ हूँ और मैं किसी भी दशा मे दो बेटियाँ नहीं चाहती ।"

डाक्टर ने कहा ,"ठीक है, तो मेँ आपकी क्या सहायता कर सकता हु ?"

तो वो स्त्री बोली," मैँ यह चाहती हू कि इस
गर्भ को गिराने मेँ मेरी मदद करें ।"

डाक्टर अनुभवी और समझदार था।
थोडा सोचा और फिर बोला,"मुझे लगता है कि मेरे पास एक और सरल रास्ता है जो आपकी मुश्किल को हल कर देगा।" वो स्त्री बहुत खुश हुई..

डाक्टर आगे बोला, " हम एक काम करते है
आप दो बेटियां नही चाहती ना ?? ?

तो पहली बेटी को मार देते है जिससे आप इस अजन्मी बच्ची को जन्म दे सके और आपकी समस्या का हल भी हो जाएगा. वैसे भी हमको एक बच्ची को मारना है तो पहले वाली को ही मार देते है ना.?"

तो वो स्त्री तुरंत बोली"ना ना डाक्टर.".!!!
हत्या करना गुनाह है पाप है और वैसे भी मैं
अपनी बेटी को बहुत चाहती हूँ ।
उसको खरोंच भी आती है तो दर्द का अहसास मुझे होता है

डाक्टर तुरंत बोला, "पहले कि हत्या करो या अभी जो जन्मा नही उसकी हत्या करो दोनो गुनाह है पाप हैं ।"

यह बात उस स्त्री को समझ आ गई । वह स्वयं की सोच पर लज्जित हुई और पश्चाताप करते हुए घर चली गई। लोगो को भी समझाने मे मदद कीजिये बडी कृपा होगी । हो सकता है आपका ही एक """Share""" किसी की सोच बदल दे..और एक कन्या भ्रूण सुरक्षित, पूर्ण विकसित होकर इस संसार में जन्म ले...

Save girl child.

09/01/2015

फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती
नवभारतटाइम्स.कॉम| Jul 29, 2010, 10.06AM IST

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फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती,

सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,
सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,

दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,
काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती,

जिंदगी भर साथ निभाने वाला रिश्ता है दोस्ती ,
रिश्तों की नाजुकता समझाती है दोस्ती,

रिश्तों में विश्वास दिलाती है दोस्ती,
तन्हाई में सहारा है दोस्ती,

मझधार में किनारा है दोस्ती,
जिंदगी भर जीवन में महकती है दोस्ती,

किसी-किसी के नसीब में आती है दोस्ती,
हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती,

हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,
कमी है इस जमीं पर पूजने वालों की वरना इस जमीं पर "खुदा" है दोस्ती

19/08/2014

बेटी निकलती है तो
कहते हो छोटे कपडे
पहन कर मत जाओ ....
पर बेटे से नहीं कहते
हो कि नज़रों मैं गंदगी
मत लाओ....

बेटी से कहते हो कि
कभी घर कि इज्जत
ख़राब मत करना ...
बेटे से क्यों नहीं कहते
कि किसी के घर कि
इज्जत से खिलवाड़ नहीं करना ...

हर वक़्त रखते हो नज़र
बेटी के फ़ोन पर ...
पर ये भी तो देखो बेटा
क्या करता है इंटरनेट पर .

किसी लड़के से बात करते देखकर
जो भाई हड़काता है .
वो ही भाई अपनी गर्लफ्रेंड
के किसे घर मैं हंस हंस
कर सुनाता है .

बेटा घूमे गर्लफ्रेंड के साथ तो कहते हो अरे बेटा बड़ा हो गया .
बेटी अपने अगर दोस्त से भी
बातें करें तो कहते हो बेशर्म हो गयी
इसका 😑 दिमाग ख़राब हो गया .....

पहले शोषण घर से बंद करो
तब शिकायत करना समाज से .......

हर बेटे से कहो कि हर बेटी कि इज़ज़त करे आज से ......…।

बात निकली है तो दूर
तक जानी चाहिए.......please share dis message to all friends..

08/07/2014

जो लोग पत्नी का मजाक उड़ाते है। बीवी के नाम पर कई msg भेजते है उन सभी के लीये --------------
Please Read This....
A Lady's Simple Questions & Surely It Will Touch A Man's heart...
------------------------

देह मेरी ,
हल्दी तुम्हारे नाम की ।

हथेली मेरी ,
मेहंदी तुम्हारे नाम की ।

सिर मेरा ,
चुनरी तुम्हारे नाम की ।

मांग मेरी ,
सिन्दूर तुम्हारे नाम का ।

माथा मेरा ,
बिंदिया तुम्हारे नाम की ।

नाक मेरी ,
नथनी तुम्हारे नाम की ।

गला मेरा ,
मंगलसूत्र तुम्हारे नाम का ।

कलाई मेरी ,
चूड़ियाँ तुम्हारे नाम की ।

पाँव मेरे ,
महावर तुम्हारे नाम की ।

उंगलियाँ मेरी ,
बिछुए तुम्हारे नाम के ।

बड़ों की चरण-वंदना
मै करूँ ,
और 'सदा-सुहागन' का आशीष
तुम्हारे नाम का ।

और तो और -
करवाचौथ/बड़मावस के व्रत भी
तुम्हारे नाम के ।

यहाँ तक कि
कोख मेरी/ खून मेरा/ दूध मेरा,
और बच्चा ?
बच्चा तुम्हारे नाम का ।

घर के दरवाज़े पर लगी
'नेम-प्लेट' तुम्हारे नाम की ।

और तो और -
मेरे अपने नाम के सम्मुख
लिखा गोत्र भी मेरा नहीं,
तुम्हारे नाम का ।

सब कुछ तो
तुम्हारे नाम का...

Namrata se puchti hu?

आखिर तुम्हारे पास...
क्या है मेरे नाम का?

एक लड़की ससुराल चली गई।
कल की लड़की आज बहु बन गई.
कल तक मौज करती लड़की,
अब ससुराल की सेवा करना सीख गई.
कल तक तो टीशर्ट और जीन्स पहनती लड़की,
आज साड़ी पहनना सीख गई.
पिहर में जैसे बहती नदी,
आज ससुराल की नीर बन गई.
रोज मजे से पैसे खर्च करती लड़की,
आज साग-सब्जी का भाव करना सीख गई.
कल तक FULL SPEED स्कुटी चलाती लड़की,
आज BIKE के पीछे बैठना सीख गई.
कल तक तो तीन वक्त पूरा खाना खाती लड़की,
आज ससुराल में तीन वक्त
का खाना बनाना सीख गई.
हमेशा जिद करती लड़की,
आज पति को पूछना सीख गई.
कल तक तो मम्मी से काम करवाती लड़की,
आज सासुमां के काम करना सीख गई.
कल तक भाई-बहन के साथ
झगड़ा करती लड़की,
आज ननद का मान करना सीख गई.
कल तक तो भाभी के साथ मजाक करती लड़की,
आज जेठानी का आदर करना सीख गई.
पिता की आँख का पानी,
ससुर के ग्लास का पानी बन गई.
फिर लोग कहते हैं कि बेटी ससुराल जाना सीख गई.
(यह बलिदान केवल लड़की ही कर
सकती है,इसिलिए हमेशा लड़की की झोली ,
वात्सल्य से भरी रखना...)
बात निकली है तो दूर तक जानी चाहिये!!!
शेयर जरुर करें और लड़कियो को सम्मान दे!

Salute to all girls

कभी बेटी, कभी पत्नी, कभी माँ बनी....न जाने एक बिटिया, क्या क्या बनी....कभी भाभी, कभी चाची,कभी बहना बनी....एक बिटिया कई प...
08/03/2014

कभी बेटी, कभी पत्नी, कभी माँ बनी....
न जाने एक बिटिया, क्या क्या बनी....
कभी भाभी, कभी चाची,
कभी बहना बनी....
एक बिटिया कई परिवारोँ का,
गहना बनी....
कभी ननंद, कभी जेठानी,
कभी देवरानी बनी....
अपने घर मेँ ही वो,
भूली हुयी कहानी बनी....
कभी सास, कभी दादी,
कभी नानी बनी....
उम्र के हर पड़ाव मेँ, बस एक कुर्बानी बनी....
कभी शारदा, कभी लक्ष्मी,
कभी काली बनी....
हर रुप मेँ इस जगत की, पालनहारी बनी....
कभी दुर्गा, कभी अवन्ति,
कभी लक्ष्मीबाई बनी....
हर युग मेँ वो, नये इतिहास की रोशनाई
बनी....
फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया का, मैँ दिल से
वंदन....
फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया को, मैँ शत् शत्
नमन....
*** अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस
की शुभकामनाएं ***

05/01/2014

है दुनिया की कुछ परवा ,न कुछ अच्छा बुरा जाने
कोई समझे संत उसको और कोई भिक्षुक जाने

मदद से हथियारों की जो दुकां अपनी चलाता है
मुहब्बत, दोस्ती, एहसास, जज़्बा, फ़िक्र क्या जाने?

जिया जो दूसरों के वास्ते है बस वही इंसां
कि अपने वास्ते जीने को वो अपनी सजा जाने

Address

Ashish Lath
Kantabanji
767039

Telephone

9938274757

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