Farooq Khan

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08/03/2021

Asslamuakaikum bhaiyo

21/10/2018

सूरः फातिहा

अलहम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन . अर्रह्मानिर्रहीम . मालिक यौमिद्दीनि . इय्या - क नअबुदु । व इय्या - क नस्तईन , इहदिनस्सिरातल मुस्तक़ीम . सिरातल्लज़ी - न अन अम - त अलैहिम , गैरिल मग्जूबि अलैहिम व लज़्ज़ाल्लीन . ( आमीन )

तर्जुमा - हर क़िस्म की सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं , जो पालनेवाला हैं तमाम जहानों का , बड़ा मेहरबान , निहायत रहमवाला , मालिक है बदले के दिन का । ( ऐ अल्लाह ! ) हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ ही से मदद माँगते हैं । हमको सीधा रास्ता बता , रास्ता उनका कि इनाम किया तूने उनपर , न उनका कि गुस्सा किया गया उनपर और न गुमराहों का । ( इलाही कबूल फरमा)

21/10/2018

नमाज मे सलाम के बाद की दुआ
अल्लाहुम - म अन्तस्सलामु व मिन - कस्सलामु हय्यिना रब्बना बिस्सलामी व अदख़िल्ना दारस्सलामि तबारक - त या ज़ल जलालि वल इक्राम .
तर्जुमा - ऐ अल्लाह ! तू ही सलामती देनेवाला है । और तेरी तरफ़ से है सलामती । ज़िन्दा रख हमको ऐ । हमारे रब ! सलामती के साथ , और दाखिल कर हमको सलामती के घर ( यानी जन्नत में ) , बहुत बरकतवाला है तू ऐ बड़ाईवाले और बुजुर्गीवाले ।

21/10/2018

नमाज मे सलाम से पहले की दुआ
अल्लाहुम - म इन्नी ज़लम्तु नफ़्सी जुल्मन कसीरंव व ला यग्फिरुज्जुनू - ब इल्ला अन - त फग्फिर ली । मग्फि-र-तम मिन इन्दिक वर्हनी इन्न - क अन्तल | गफूरुर्रहीम
तर्जुमा - ऐ अल्लाह ! बेशक जुल्म किया मैंने अपने ऊपर , जुल्म बहुत और नहीं बख़्शता है गुनाहों को मगर तू ही , पस बख्श दे मेरे लिए बख्शिश अपने पास से और रहम कर मेरे ऊपर । बेशक तू ही है बहुत बख्श देनेवाला , बहुत मेहरबान है ।

21/10/2018

दरुद इबराहिम
अल्ला हुम - म सल्लि अला मुहम्मदिंव व अला । आलि मुहम्मदिन कमा सल्लै - त अला इब्राही - म व । अला आलि इब्राही - म इन - न क हमीदुम मजीद
अल्लाहुम - म बारिक अला मुहम्मदिंव - व अला आलि मुहम्मदिन कमा बारकत अला इब्राही - म व अला आलि इब्राही - म इन - न क हमीदुम मजीद

21/10/2018

रूकू की दुआ
सुब्हा-न रब्बियल आला

21/10/2018

सजदे की दुआ
सुब्हान- रब्बियल आला

21/10/2018

सना
सुब्हा न कल्लाहुम-म व बिहम्दि- क व तबारकस्मु-क व त आला जद्दु- क व ला इलाह गैरूक

Farz Namaz Kis Namaz m kitni rakat hoti h
21/10/2018

Farz Namaz
Kis Namaz m kitni rakat hoti h

21/10/2018

NAMAJ K ANDAR K 6 FARZ
• Takbeer e Tahrima khna
• Kiyaam krna
• Kiraat ya Quran majid m se kuch padna
• Ruku krna
• Dono sajde krna
• Nmaj m akhir attahiyaat padne k liye bethna

21/10/2018

नमाज का सही तरीका

नमाज मैं 13 फर्ज होते हैं सात बाहर के और 6 नमाज के अंदर के जिनको पूरा करना जरूरी होता है वरना नमाज अदा नहीं होगी

नमाज के सात बाहर के फर्ज यह हैं
• बदन का पाक होना
• कपड़े का पाक होना
• नमाज पढ़ने की जगह पाक हो
• सतर का छुपाना
• नमाज का वक्त पता होना
• किबला की तरफ मुंह करना
• दिल से नियत करना
नमाज के अंदर के छह फर्ज यह है
• तकबीरे तहरीमा कहना
• कियाम करना
• किरात पढ़ना
• रुकू करना
• दो सजदे करना
• अत्तहीयात पढने के लिए बैठना

वाजिब

• फर्ज नमाज़ की पहली दो रकात में सूरः फातिहा पढ़ना
• फर्ज नमाज़ की पहली दो रकात में वाजिब सुन्नत और नफील नमाज़ की हर रकात में सूरः फातिहा के बाद कुरान मजीद की कोई आयत या सूरत पढना
• सूरह फातिहा किसी और सूरत से पहले पढ़ना
• तरतीब कायम रखना
• पहला सजदा करके दूसरे सजदे से पहले कुछ देर बैठना
• नमाज आहिस्ता और अच्छी तरह अदा करना
• 2 रकात पढ़कर अत्तहीयात के लिए बैठना

नोट
नमाज के फर्ज में से अगर कोई फर्ज गलती से छूट जाए तो नमाज दोबारा पढ़नी पड़ेगी अगर कोई वाजिब गलती से रह जाए या फर्ज में देर या दोबारा हो जाए तो आखिर में कादा में सजदा सहब करने से नमाज अदा हो जाएगी अगर सजदा सहब करना भी याद ना रहे तो नमाज फिर पढ़नी होगी सजदा सहब की तरकीब यह है कि नमाज की आखरी रकात में आत्तहीयात पढ़कर दाईं तरफ सलाम फेर कर दो सजदे कर लो सजदे करने के बाद सलाम फेर लीजिए अत्तहीयात के बाद दरूद शरीफ और दुआ पढ़कर भी सजदा सहव कर सकते हैं

21/10/2018

वुजू करने का तरीका

वुजू मे चार फर्ज होते है

• पूरे चेहरे का धोना
• दोनों हाथ कुहनियों समेत धोना
• टखनो समेत दोनों पैर धोना
• चौथाई सर का मसाह करना

वाजिव
अंगूठी या छल्ला अगर तंग हो तो उसको घुमाना ताकि पानी उसके नीचे पहुंच जाए

सुन्नत

• नियत करना
• बिस्मिल्लाह पढ़ना
• तीन बार दोनों हाथ गट्टों तक धोना
• तीन बार कुल्ली करना
• तीन बार नाक में पानी डालना
• सर का मसाह करना
• दाढ़ी में खलाल करना ताकि कोई बाल सुखा ना रह जाए
• ऊगंलियों का खलाल करना
• कानो का मसह करना
• हर अंग को तीन बार धोना
• धोते वक्त हाथ से मलना
• तरतीब से वुजू करना
• लगातार करना यानी धोने में इतनी देर ने करना कि जो अंग पहले धो लिया जा चुका है वह सूख जाए

मुस्तहब

• दाई जानिब से शुरू करना
• गर्दन पर मसह करना
• नमाज के वक्त से पहले वुजू करना
• किबला की तरफ रुख करके बैठना
• पाक और ऊंची जगह पर बैठकर वजू करना

मकरुह

• ज्यादा पानी बहाना
• नापाक जगह पर वुजू करना
• वुजु करते वक्त दुनिया की बातें करना
• सीधे हाथ से नाक साफ करना
• सुन्नत के खिलाफ वजू करना
• हर अंग को 3 बार से ज्यादा धोना

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