14/09/2018
*आज जैन धर्म ( श्वेतांबर एवं स्थानक ) की परंपरा के अनुसार क्षमा मांगने का दिन है मैं जैन तो नहीं हुं लेकिन किसी भी धर्म में कोई अच्छी चीज है तो उसका जरूर अनुसरण करना चाहिए ।*
*मेरे अहंकार से....यदि मैने किसी को नीचा दिखाया हो...*
*मेरे क्रोध से.... यदि किसी को दुःख पहुचाया हो।*
*मेरे झूठ से... किसी को कोई परेशानी हुई हो।*
*मेरे ना से.... किसी की सेवा में,दान में, बाधा आयी हो।*
*मेरे हर एक कण कण से जो मैने किसी को निराश किया हो।*
*मेरे शब्दों से.... जो किसी के हृदय को ठेस पहुचाई हो।*
*जाने अनजाने में यदि मैं आपके कष्ट का कारण बना हु।*
*तो मैं मेरा मस्तक झुकाकर,हाथ जोड़कर, सहृदय...*
*आप से क्षमा मांगता हूं..*